जोधपुर। शहर के ऐतिहासिक क्षेत्रों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आज उम्मेद चौक स्थित गोल नाड़ी क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में स्थानीय सामाजिक संगठनों और नगर निगम के सहयोग से क्षेत्र की सफाई की गई और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
इस अभियान में सामाजिक कार्यकर्ता Caron Rawnsley और स्वच्छता सर्वेक्षण के ब्रांड एंबेसडर Lalit Sen ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके साथ Jodhpur Trekkers टीम, Heal Society और Jodhpur Nagar Nigam के सहयोग से सफाई कार्य किया गया।
अभियान के दौरान जब क्षेत्र की सफाई की गई तो वहां बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें और नशे से जुड़ा अन्य सामान मिला। इस दृश्य को देखकर सभी लोग हैरान रह गए क्योंकि यह स्थान शहर की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक माना जाता है। इस तरह की गंदगी से न केवल क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित होती है बल्कि ऐतिहासिक स्थलों की गरिमा भी कम होती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस स्थान का धार्मिक और सामाजिक महत्व भी है। हर वर्ष यहां Ganesh Chaturthi के अवसर पर गणेश चतुर्थी का पंडाल लगाया जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद पंडाल के आसपास सबसे अधिक गंदगी और शराब की बोतलें मिलने से लोगों में चिंता का माहौल है।
सफाई अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने पूरे क्षेत्र से कचरा एकत्रित किया और उसे उचित स्थान पर भेजा गया। इसके साथ ही आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों से भी अपील की गई कि वे सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करें और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
अभियान में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता Caron Rawnsley ने कहा कि जोधपुर शहर अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। ऐसे में इन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर हम सभी मिलकर प्रयास करें तो शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण के ब्रांड एंबेसडर Lalit Sen ने भी स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे आगे आएं और अपने आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने की जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भी इस अभियान में उत्साह के साथ भाग लिया और लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अगर नागरिक जागरूक होकर सहयोग करें तो शहर की कई समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है।
नगर निगम के प्रतिनिधियों ने भी आश्वासन दिया कि शहर के ऐतिहासिक स्थलों की नियमित सफाई और देखभाल के लिए आगे भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं और स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जोधपुर की ऐतिहासिक धरोहरों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। अगर नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करें तो शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाया जा सकता है।











