जोधपुर। आलोक रंजन ने जिले में पेयजल व्यवस्थाओं को लेकर गंभीरता दिखाते हुए तखत सागर फिल्टर प्लांट एवं राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल (आरजीएलसी) के पंप गृह संख्या-8 का निरीक्षण किया। उन्होंने आगामी नहर बंदी के दौरान निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर तैयारियों और कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नहर बंदी के समय पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और सतत मॉनिटरिंग रखी जाए।
जल गुणवत्ता और मॉनिटरिंग पर जोर
तखत सागर फिल्टर प्लांट पर जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पानी की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पंप गृह व जल वितरण प्रणाली का जायजा लेकर तकनीकी रूप से सिस्टम को मजबूत बनाने पर बल दिया।
समर कंटिंजेंसी और शिकायत निस्तारण की समीक्षा
गर्मी को देखते हुए समर कंटिंजेंसी कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं। जल शिकायतों के त्वरित समाधान और लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश भी दिए।
जल संरचनाओं के रखरखाव पर विशेष ध्यान
टैंक, पाइपलाइन और अन्य जल संरचनाओं के नियमित रखरखाव एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने जल हानि रोकने के उपाय अपनाने पर जोर दिया।
मंडोर क्षेत्र में हैंडपंपों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान मंडोर क्षेत्र में हैंडपंपों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकांश हैंडपंप चालू पाए गए, जबकि एक परित्यक्त हैंडपंप को लेकर विभाग को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप पेयजल का महत्वपूर्ण स्रोत हैं, इसलिए उनकी कार्यक्षमता बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अंत में आलोक रंजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल प्रबंधन से जुड़े सभी कार्यों में समन्वय, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।












