कौशल आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, युवाओं के लिए एंटरप्रेन्योरशिप व प्लेसमेंट के बढ़ेंगे अवसर
जोधपुर। किसानों व युवाओं में कौशल विकास को गति देने व आय सजृन के लिए बाजार में नये अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सोमवार को कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर व लघु उद्योग भारती के बीच एमओयू किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय की ओर से किसानों व युवाओं के लिए लगातार विभिन्न कौशल संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, अब इस एमओयू के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नई ऊंचाई मिलेगी। लघु उद्योग भारती के सहयोग से युवाओं को एंटरप्रेन्योरशिप के साथ-साथ प्लेसमेंट मे भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस संयोजन के माध्यम से कृषि व पशुपालन आधारित उत्पादों को मूल्य संवर्धन कर बाजार में पहुंचाने के नए अवसर मिलेंगे, इससे किसानों की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री घनश्याम ओझा ने कहा कि यह संगठन कुटीर, सूक्ष्म, लघु और माध्यम उद्योगों की उन्नति के लिए कार्यरत है। विश्वविद्यालय के साथ इस संयोजन के माध्यम से हमें किसानों के लिए ऐसा तंत्र विकसित करना है कि कृषि व पशुपालन आधारित उद्योगों से प्राप्त आय अधिक से अधिक किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान उत्पाद तो बना लेता है लेकिन उसे पैकेजिंग व मार्केटिंग जैसी चीजों में समस्या आती है, इस एमओयू के माध्यम से उन्हें विविध उत्पादों के मूल्य संवर्धन के साथ-साथ मंच भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
किसानों की पारंपरिक व शुद्ध छाछ को मिले बाजार
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री समदर सिंह भाटी ने सुझाव देते हुए कहा कि कृषि व पशुपालन में जमीनी स्तर पर महिलाएं अधिक जुड़ी रहती है, अतः प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जायें। उन्होने गांवों में किसानों की ओर से उत्पादित की जाने वाली पारंपरिक व शुद्ध छाछ को भी बाजार तक पहुंचा कर किसान की आय बढ़ाने की बात रखी।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री महावीर चोपड़ा ने बताया कि इस संगठन ने कोरोना के बाद उपजी परिस्थितियों को भांपते हुए कौशल आधारित प्रशिक्षणों को बढ़ावा दिया ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा मिले। उन्होंने युवाओं को रोजगार लेने वाले नहीं अपितु देने वाले बनने की बात कही। प्रदेश महामंत्री श्री सुरेश कुमार विश्नोई ने कागजी कार्यवाहियों के बजाय जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस मौके पर जोधपुर प्रांत अध्यक्ष, दीपक माथुर व मंडोर इकाई अध्यक्ष, श्री पूनम चंद तंवर ने भी संबोधित किया।
वर्ष में 700 से 1000 युवाओं को प्रशिक्षण
कृषि विश्वविद्यालय की ओर से किसान कौशल विकास केंद्र के प्रभारी, डॉ प्रदीप पगारिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि केंद्र में हर वर्ष 700 से 1000 प्रशिक्षणार्थी 25 तरह के प्रशिक्षण, डिप्लोमा कोर्स व अन्य कौशल आधारित कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते है। अब इस एमओयू के माध्यम से दोनों संस्था बेहतरीन की ओर अग्रसर होंगी।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी, केकेवीके, डॉ प्रियंका स्वामी ने आभार जताया। प्रशिक्षण अधिकारी, नीलिमा मकवाना ने मंच संचालन किया। सेरेमनी के दौरान विश्वविद्यालय के सभी निदेशक, अधिष्ठाताओं व अधिकारियों सहित किसानों की मौजूदगी रही।













