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Thursday, May 21, 2026

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नेत्रदान एवं देहदान के संकल्प के साथ जायन्ट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडिस का शपथ-ग्रहण समारोह

नेत्रदान एवं देहदान के संकल्प के साथ जायन्ट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडिस का शपथ-ग्रहण समारोह

जोधपुर शहर में जायन्ट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडिस की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का वर्ष 2026 का शपथ-ग्रहण समारोह एक अनोखे और प्रेरणादायक अंदाज़ में आयोजित किया गया। इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि सभी महिला सदस्यों ने समाज सेवा की भावना को एक नई दिशा देते हुए नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी सदस्य अपने हाथों में नेत्रदान और अंगदान से जुड़े जागरूकता पोस्टर एवं फॉर्म लेकर उपस्थित हुईं, जिसने इस आयोजन को एक सामाजिक अभियान का रूप दे दिया।

पोस्टरों पर लिखे संदेश जैसे— “अपनी आँखें दो, किसी को जीवन दो”, “मेरी देह, मेरा अंतिम योगदान”, “अंगदान अपनाओ, जीवन बचाओ”—ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और समाज में जागरूकता फैलाने का मजबूत संदेश दिया।

ग्रुप की पास्ट प्रेसिडेंट निरुपा पटवा के नेतृत्व में इस वर्ष शपथ-ग्रहण समारोह को एक नए संकल्प के साथ मनाया गया। उन्होंने बताया कि सभी 150 महिला सदस्यों ने यह लक्ष्य तय किया है कि प्रत्येक सदस्य कम से कम 10 लोगों से नेत्रदान के फॉर्म भरवाएगी। इस प्रकार पूरे वर्ष में लगभग 1500 लोगों को इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जो समाज के लिए एक बहुत बड़ा योगदान साबित हो सकता है।

शहर के एक निजी होटल में आयोजित इस भव्य समारोह में अतिथियों द्वारा तारा सोलंकी को ग्रुप के अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही पूनम राठी को सचिव और चंद्रा जैन को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। यूनिट डायरेक्टर अशोक मेहता ने अन्य पदाधिकारियों को भी पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिनमें उपाध्यक्ष (इंटरनल) संतोष लूंकर, उपाध्यक्ष (एक्सटर्नल) जया जैन सहित कई कार्यकारिणी सदस्य शामिल रहे।

जायन्ट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडिस पिछले कई वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। इस अवसर पर संगठन द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। ग्रुप ने जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ मिलकर बच्चों में नशे की रोकथाम के लिए झुग्गी-झोपड़ियों में अभियान चलाया। वन विभाग के सहयोग से 2000 पौधों का वितरण किया गया और हर वर्ष वृक्षारोपण का कार्य भी निरंतर किया जाता है।

इसके अलावा, बाल संरक्षण आयोग के साथ मिलकर एक मासूम बच्ची को न्याय दिलाने में आर्थिक सहयोग भी किया गया। संगठन पर्यावरण संरक्षण, सैनेटरी पैड वितरण, ट्रैफिक जागरूकता, थैलेसीमिया जागरूकता, नारी निकेतन सहायता, कैंसर पीड़ितों के लिए बाल दान, वृद्धाश्रम एवं अनाथालय सेवा, नि:शुल्क मेडिकल कैंप, जल संरक्षण और रक्तदान जैसे अनेक कार्यों में लगातार सक्रिय है।

महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए सिलाई मशीनों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना, सेल्फ डिफेंस सेमिनार आयोजित करना, प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाना और शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी, फर्नीचर, कंप्यूटर एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराना भी ग्रुप की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है।

समारोह के दौरान मनोरंजन के लिए हाउजी, प्रश्नोत्तरी और तम्बोला जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही B2B (बिजनेस टू बिजनेस) कार्यक्रम का आयोजन कर सदस्यों को आपसी व्यापारिक सहयोग बढ़ाने का अवसर भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुई। सभी अतिथियों का माला, साफा और मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। लगभग 150 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महेश गहलोत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अध्यक्ष तारा सोलंकी, सचिव पूनम राठी और निरुपा पटवा को इस प्रेरणादायक आयोजन के लिए बधाई दी।

कार्यक्रम में जिन महिलाओं ने नेत्रदान एवं देहदान के फॉर्म भरकर संकल्प लिया, उनका दुपट्टा ओढ़ाकर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। देहदान के लिए ऋचा जैन, ऋचा डागा, संतोष अरोड़ा, ज्योत्सना भंसाली और चंद्रा जैन ने घोषणा की, वहीं नेत्रदान के लिए अंजू बुरड़, जया जैन, पूनम राठी, नेहा राजपुरोहित सहित कई महिलाओं ने संकल्प लिया।

निरुपा पटवा ने बताया कि यह संगठन बिना किसी बाहरी आर्थिक सहायता के, अपनी किटी पार्टी की बचत और व्यक्तिगत योगदान से समाज सेवा के कार्य करता है, जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

अंत में अध्यक्ष तारा सोलंकी ने वात्सल्यपुरम बाल आश्रम में एक असहाय बच्चे की दसवीं कक्षा तक की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की, जो इस आयोजन को और भी प्रेरणादायक बनाता है।

यह शपथ-ग्रहण समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, सेवा और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का एक सशक्त संदेश बनकर उभरा।

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