भीतरी शहर में रविवार रात महिलाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। नवचौकिया, आसोपा की पोल, आड़ा बाजार, कुम्हारिया कुआं, सुनारों की घाटी, चाचा की गली, कबूतरों का चौक, जालप मोहल्ला, मोती चौक, हाथी चौक, पुंगलपाड़ा सहित अनेक स्थानों पर गवर माता को स्वर्णाभूषणों से सुसज्जित कर विराजित किया गया।


सुनारों की घाटी स्थित गवर माता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गवर माता को सुबह-शाम विशेष श्रृंगार के साथ हजारों रुपए की पोशाक और 11 किलो से अधिक आभूषण धारण करवाए गए, जो समाजबंधुओं व परिवारजनों के सहयोग से संभव हुआ।
रंगीन रोशनी से सजे भीतरी शहर में रात 10 बजे से तीजणियों की भीड़ उमड़ पड़ी। तीजणियां गवर माता के स्वांग, श्रीनाथजी, राम-हनुमान, शिव-पार्वती, खाटूश्याम, झांसी की रानी और अन्य विभिन्न रूपों में नजर आईं। यह उत्सव अलसुबह करीब 4 बजे तक जारी रहा। पूरे शहर में गवर माता के जयकारे गूंजते रहे और मोई की प्रसादी का वितरण किया गया।
परंपरा के अनुसार तीजणियों ने पुरुषों और युवाओं को छड़ी मारते हुए रस्म निभाई। अलसुबह सभी तीजणियां पूजन स्थल पर पहुंचकर रातीजोगा का समापन करते हुए भोळावणी की।
चाचा की गली में विशेष आयोजन, पूर्व राज परिवार रहा शामिल
चाचा की गली में करीब सात फीट ऊंची गवर माता को विराजित किया गया। यहां पिछले 50 वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है। गवर माता को लगभग 5 किलो सोने के आभूषणों से सजाया गया।
पूर्व नरेश गजसिंह और हेमलता राजे ने पूजन किया। करीब 35 वर्ष पूर्व राजमाता कृष्णा कुमारी के सुझाव के बाद यहां गवर माता को किलंगी के स्थान पर मुकुट पहनाने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी जारी है।
समिति के अध्यक्ष अनिल गोयल, सचिव रतन पुरोहित सहित कई सदस्यों ने आयोजन में सेवाएं दीं। कार्यक्रम में विधायक अतुल भंसाली ने वर्चुअल पूजा की। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


हाथी चौक में तीजणियों का सम्मान, दिया गया लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
हाथी चौक में आयोजित कार्यक्रम में तीजणियों को मंच प्रदान कर सम्मानित किया गया। 48 वर्षों से निरंतर पूजन कर रही 68 वर्षीय उषा बोहरा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समाजसेवी राधेश्याम रंगा, डॉ. अजय शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सैकड़ों तीजणियों ने गीतों के माध्यम से गवर माता की आराधना की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम


भीतरी शहर में सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा 30 से अधिक नाके लगाए गए। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज और डीसीपी (पूर्व) मनीष कुमार चौधरी के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखी गई।
शहर में प्रवेश करने वालों की आईडी जांच की गई तथा सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रखी गई। नशे की हालत में आने वाले युवाओं को प्रवेश नहीं दिया गया।











