मेहरानगढ़ दुर्ग में चैत्री नवरात्रा 19 से 27 मार्च तक, दर्शन सुबह 7 से शाम 5 बजे तक
जोधपुर, 17 मार्च। मेहरानगढ़ दुर्ग स्थित चामुंडा माता मंदिर में चैत्री नवरात्रा का आयोजन 19 मार्च से 27 मार्च तक किया जाएगा। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक दर्शन की व्यवस्था रहेगी।
महाराजा गज सिंह एवं महारानी हेमलता राजये 19 मार्च को प्रातः 11:21 बजे चामुंडा माताजी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसी मुहूर्त में सप्तवर्ती पाठ का संकल्प व स्थापना की जाएगी। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय सिंह शेखावत के अनुसार नवरात्र स्थापना से अष्टमी तक नौ वेदपाठी ब्राह्मण दुर्गा पाठ का वाचन करेंगे। अष्टमी 26 मार्च की रात हवन प्रारंभ होगा और इसकी पूर्णाहुति नवमी 27 मार्च को सुबह 11:15 से 12:25 बजे के बीच महाराजा गज सिंह और महारानी हेमलता राजये द्वारा दी जाएगी। इसके बाद 12:25 से 12:35 बजे के बीच तिलक आरती और थापना जी के उत्थापन का मुहूर्त रहेगा।
दर्शन व्यवस्था
प्रशासन के निर्देशानुसार दर्शनार्थियों के लिए जय पोल के बाहर से एक कतार में लाइन व्यवस्था की गई है, जो चामुंडा माताजी मंदिर तक जाएगी। डीएफएमडी गेट से जय पोल और फतेह पोल के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के लिए पट्टे के मार्ग से आने-जाने की व्यवस्था होगी, जबकि पुरुषों और युवाओं के लिए सलीम कोट होते हुए बसंत सागर मार्ग से आने-जाने का प्रबंध रहेगा। मंदिर परिसर में परिक्रमा करना वर्जित रहेगा।
प्रसाद व्यवस्था
पुरुष श्रद्धालुओं के लिए बसंत सागर के पास और महिलाओं के लिए पट्टे पर प्रसाद चढ़ाने की अलग व्यवस्था रहेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पानी वाले नारियल की जगह गोटे वाले प्रसाद लाने का अनुरोध किया है ताकि भीड़ में असुविधा न हो।
प्रतिबंध व सुरक्षा व्यवस्था
दर्शनार्थियों के लिए शराब पीकर आना या शराब साथ लाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। पॉलिथीन बैग और कैरी बैग (हैंगिंग बैग व थैले) लाने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के पानी, बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर, डिस्कॉम कर्मियों की ड्यूटी, पुलिस बल, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा ट्रस्ट की ओर से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था भी की गई है।











