जोधपुर। राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय परिसरों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने और इसके लिए संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति अनिवार्य किए जाने के आदेश का विरोध तेज हो गया है। आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ), राजस्थान की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम जवाहर चौधरी को ज्ञापन सौंपा गया।
पत्रकारिता की स्वतंत्रता प्रभावित होने की जताई आशंका
ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि विद्यालयों में जर्जर भवन, विद्यार्थियों की सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की जवाबदेही, मिड-डे मील सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में यदि पत्रकारों को मौके पर फोटो और वीडियो लेने से पहले संस्था प्रधान की अनुमति लेना अनिवार्य किया जाता है, तो इससे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होने की आशंका है।
IFWJ पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच लोकतांत्रिक सेतु की भूमिका निभाते हैं। पत्रकारिता का दायित्व केवल सरकारी सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों और सरकारी व्यवस्थाओं की कमियों को भी सामने लाना है।
जनहित के मामलों में स्वतंत्र समाचार संकलन की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के लिए पूर्व अनुमति की अनिवार्यता से समाचार संकलन में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इससे विद्यालयों की वास्तविक स्थिति को जनता के सामने लाने और जनहित से जुड़े मामलों की स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करने में कठिनाई आने की आशंका है।
IFWJ ने शिक्षा विभाग से उक्त आदेश को तत्काल वापस लेने तथा जनहित से जुड़े मामलों में पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से तथ्य जुटाने और समाचार संकलन करने की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की।
ये पत्रकार रहे मौजूद
इस दौरान IFWJ राजस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण मोतीवाल, कोषाध्यक्ष योगेश दवे, सह सचिव सुमेर सिंह चुंडावत, सचिव दीक्षित परिहार, लक्षित दवे, शहर विधानसभा प्रभारी दीपक पुरोहित, माजिद खान, सुमित पुरोहित, नरेंद्र ओझा एवं देवेश व्यास सहित अन्य पत्रकार एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।













