महिला सुरक्षा में सभी विभाग निभाएं साझी जिम्मेदारी : पुलिस आयुक्त अंशुमन भोमिया
जोधपुर | 23 जुलाई
महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सरकार की महिला कल्याण योजनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्तालय जोधपुर द्वारा संचालित ‘महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम’ के तहत बुधवार को मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में अंतर-विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने समन्वय के साथ कार्य करने और त्वरित राहत व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त अंशुमन भोमिया ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित कार्रवाई और निरंतर जनजागरूकता अभियान आवश्यक हैं।
बैठक में महिला सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, साइबर अपराधों से बचाव, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, जेंडर सेंसिटाइजेशन तथा महिला अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने आमजन तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमति जताई।
बैठक में पुलिस उपायुक्त (पूर्व) मनीष चौधरी, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल शेखावत, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सिविल) पूर्व शुभकरण, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सिविल) पश्चिम नीरज शर्मा, महिला थाना पूर्व की थाना प्रभारी सुनीता गढ़वाल तथा महिला थाना पश्चिम की थाना प्रभारी लीला कुमारी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, सीएमएचओ कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बाल कल्याण समिति, महिला अधिकारिता विभाग तथा सम्भली ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लेकर महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव रखे।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के करीब 1500 छात्र-छात्राओं तथा राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। साथ ही लगभग 10 विद्यालयों को ऑनलाइन माध्यम से भी कार्यक्रम से जोड़ा गया। इस अवसर पर महिला सुरक्षा योजनाओं, साइबर सुरक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्तालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम महिला सुरक्षा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
















