राजस्थान में युवा कांग्रेस चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। जोधपुर जिले में इस बार युवा नेतृत्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी बीच जिला अध्यक्ष पद की सशक्त दावेदार मोनालिसा पुरोहित अपने विचारों और विज़न के चलते चर्चा में हैं। हाल ही में हुई खास बातचीत में उन्होंने संगठन, युवाओं और प्रदेश के भविष्य को लेकर अपनी स्पष्ट और प्रभावशाली सोच साझा की।
मोनालिसा पुरोहित ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता अधिक से अधिक युवाओं और मातृशक्ति को संगठन से जोड़ना है। उनका मानना है कि जब महिलाएं और युवा एक साथ आगे बढ़ते हैं, तभी समाज और राजनीति में वास्तविक बदलाव संभव होता है।
छात्र राजनीति को लेकर उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी होते हैं। “यहीं से युवा नेतृत्व की शुरुआत होती है, यहीं से संगठन की नींव मजबूत होती है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रसंघ चुनावों को नियमित रूप से करवाना चाहिए ताकि युवाओं को सीखने और आगे बढ़ने का सही मंच मिल सके।
अपने प्रेरणा स्रोत के बारे में बात करते हुए मोनालिसा ने बताया कि बचपन से ही उन्होंने अपने दादा एडवोकेट मुरलीधर जी पुरोहित और परिवार के वरिष्ठ एडवोकेट आनंद पुरोहित को समाज सेवा करते हुए देखा है। “उनका समर्पण और समाज के प्रति उनकी निष्ठा मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है,” उन्होंने भावुकता के साथ कहा।
मोनालिसा पुरोहित का विज़न केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में फैली नकारात्मक सोच को बदलने का भी संकल्प रखती हैं। उनका मानना है कि सिर्फ शिकायत करने से बदलाव नहीं आता, बल्कि युवाओं को खुद राजनीति में आकर जिम्मेदारी निभानी होगी। “जब युवा खुद आगे बढ़ेंगे, तभी हम अपने सपनों का राजस्थान और देश बना पाएंगे,” उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा।
जोधपुर में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरी मोनालिसा पुरोहित आज युवा शक्ति और मातृशक्ति की मजबूत आवाज़ बनकर उभर रही हैं। उनकी सोच, ऊर्जा और जमीनी जुड़ाव यह संकेत दे रहे हैं कि इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प और निर्णायक होने वाला है।
क्या जोधपुर को मिलेगा एक नया युवा नेतृत्व? इसका फैसला भले ही चुनाव में होगा, लेकिन मोनालिसा पुरोहित ने अपनी दमदार मौजूदगी से राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।












