न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय परिवार ने सामूहिक योगाभ्यास कर दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश
जोधपुर, 21 जून। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर परिसर में रविवार प्रातः गरिमामय योग समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, न्यायालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधिपति डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव में कमी, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि तथा जीवन में सकारात्मकता एवं संतुलन का विकास होता है।
कार्यक्रम का संचालन आनन्द जोशी ने किया। प्रशिक्षित योग शिक्षिका नीतू कच्छवाह एवं उनकी टीम के निर्देशन में प्रतिभागियों ने सूर्य नमस्कार, विभिन्न योगासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक शांति एवं कार्यक्षमता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर माननीय न्यायाधिपति कुलदीप माथुर, चन्द्र शेखर शर्मा, सुनील बेनीवाल तथा बलजिन्दर सिंह संधू सहित अनेक न्यायाधीश उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजस्थान उच्च न्यायालय लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत, अतिरिक्त महाधिवक्ता नाथूसिंह राठौड़, न्यायालय रजिस्ट्री के अधिकारी एवं कर्मचारी, डॉक्टर्स एसोसिएशन तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मनियंत्रण, मानसिक संतुलन एवं सामाजिक समरसता का आधार बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ।













