जोधपुर | संवाददाता
“जल है तो जीवन है” और “स्वच्छ जोधपुर-हरित जोधपुर” के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से सोमवार को कायलाना रोड स्थित ऐतिहासिक अक्षय राज जी के तालाब पर विशाल स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान आयोजित किया गया। अभियान में नगर निगम जोधपुर, विभिन्न सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर तालाब और उसके आसपास के क्षेत्र की सफाई की।
कार्यक्रम का नेतृत्व नगर निगम आयुक्त राहुल जैन एवं स्वास्थ्य अधिकारी अंकित पुरोहित ने किया। इस अवसर पर नगर निगम जोधपुर के ब्रांड एंबेसडर पंडित जीवराज श्रीमाली की प्रेरणा में श्रमवीरों ने स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन प्रभारी पदम सिंह कच्छवाह, भाजपा चौपासनी मंडल स्वच्छ भारत मिशन सह-संयोजक गजेन्द्र सिंह चौहान, जोन-2 प्रभारी ओम मेवाड़ा तथा पूर्व पार्षद अशोक सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
अभियान के दौरान तालाब परिसर से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट सामग्री हटाई गई। स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर जल स्रोत को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण का संदेश भी दिया। इस पहल का उद्देश्य ऐतिहासिक जल स्रोतों को संरक्षित करना और उन्हें स्वच्छ बनाए रखना है।
अभियान में ग्रीन जोधपुर संस्था के प्रतिनिधियों सहित कई सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने सहयोग दिया। इसके अलावा गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के सदस्यों और अनेक पर्यावरण प्रेमियों ने भी श्रमदान कर अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने सभी स्वयंसेवकों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहर के प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने, जल स्रोतों के आसपास वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
वहीं, नगर निगम के ब्रांड एंबेसडर पंडित जीवराज श्रीमाली ने कहा कि समाज और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के प्रति जागरूक जोधपुर का निर्माण संभव है। उन्होंने सभी श्रमवीरों, सामाजिक संस्थाओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता अभियानों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
यह स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनभागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे शहर के ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।













