जोधपुर | संवाददाता
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) में फीस वृद्धि के विरोध को लेकर छात्र संगठनों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। फीस बढ़ोतरी के फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को पहले राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) और बाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। दोनों संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में हवन कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान छात्रों ने कहा कि बढ़ी हुई फीस का सबसे अधिक प्रभाव आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर पड़ेगा। संगठन ने प्रशासन से छात्र हितों को सर्वोपरि रखते हुए फीस वृद्धि का निर्णय वापस लेने की मांग की।
इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया तथा मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना देकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि यदि फीस वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
इसी बीच विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में आंतरिक मतभेदों की चर्चाएं भी सामने आईं। पहले एनएसयूआई के भीतर विभिन्न गुटों की सक्रियता चर्चा का विषय बनी थी, वहीं एबीवीपी के प्रदर्शन के दौरान भी कुछ कार्यकर्ताओं की नाराज़गी और अलग रुख को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर विरोध प्रदर्शनों का माहौल बना रहा। दोनों छात्र संगठनों ने अलग-अलग माध्यमों से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे और उन्होंने फीस वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग दोहराई।
फीस वृद्धि का मुद्दा अब विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति का प्रमुख विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर छात्र संगठनों की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। छात्रों की निगाहें अब विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि फीस वृद्धि के संबंध में आगे क्या निर्णय लिया जाता है।













